
आप ने बैंक, सरकारी दफ्तर, और कंप्यूटर सेवा सेंटर्स में अक्सर सुना होगा “server busy” या “server down”, सही ना? चलिए, आज जानते हैं ये Computer Server kya hota hai? और ये कैसे काम करता है, इसे एकदम आसान भाषा में समझते हैं।
Computer Server को “Server” ही क्यों बुलाते हैं?
होटल्स में जो इंसान कस्टमर से ऑर्डर लेता है और उन्हें खाना (Food) सप्लाई करता है, उसको Server कहते हैं। बहुत लोग उसको वेटर भी कहते हैं। सामान्य Server का काम होता है कि कस्टमर की Request (मांग) को पूरा करना।
Computer Server और Hotel Server में क्या अंतर है?

जैसे हमने ऊपर देखा, होटल में Server फूड को कस्टमर की रिक्वेस्ट के हिसाब से Serve करता है। वैसे ही, कंप्यूटर सिस्टम में, यूजर्स की Requests पर Server Data Serve करता है।
इस पूरे सिस्टम को Client-Server Model कहते हैं:
- Client (क्लाइंट): आप या आपका कंप्यूटर, जो जानकारी मांगता (Request करता है) है।
- Server (सर्वर): एक बड़ा और पावरफुल कंप्यूटर, जो जानकारी देता (Serve करता है) है।
उदाहरण:
कोई विद्यार्थी अपना Exams के Results देखना चाहता है, तो वह Server को Request करता है कि उसके रजिस्टर्ड नंबर का Result क्या है? तो वह Server को Request भेजता है और Server तुरंत उसे Result दिखाता है।
Computer Server Kaam Kaise Karta hai?
Computer Servers में बहुत सारा Data (information) रहता है। वह इंफॉर्मेशन Text, Audio, Video, Image और भी बहुत सारे रूप में होता है।
आसान भाषा में कहूं तो Server एक खास तरह का और बहुत शक्तिशाली कंप्यूटर होता है, जिसे सिर्फ़ और सिर्फ़ सेवाएँ (Services) देने के लिए बनाया जाता है। यह 24 घंटे ऑन रहता है ताकि जब भी आप Request करें, यह तुरंत आपको जानकारी दे सके।
- उदाहरण 1 (YouTube): YouTube पर आप एक गाना Request करते हो, तो आप YouTube के Client हुए। और YouTube का Server, जिसमें वह Requested गाना था, उसको YouTube Server आपको Serve करेगा।
- उदाहरण 2 (Google Search): Google Search Bar में आप किसी जानकारी को ढूँढ़ने की Request करते हैं, जैसे “European History”, तो यह Keyword Request Google Server तक पहुँचता है और Google Server आपकी Request को Match करके आप तक सही Information पहुँचाता है।
कितने तरह के Servers होते हैं?
Servers में बहुत तरह के Servers होते हैं।
उदाहरण: Web Servers, Mail Servers, Proxy Servers, आदि।
- Web Servers: इस Server में वेबसाइट से जुड़ी हुई Information Stored रहती है। जैसे digichintan.in, अगर इस साइट पर आप Click करते हैं या Browser में Type करते हैं, तो Web Server आपको digichintan.in Website पर लेकर जाएगा।
- Mail Server: इस Server में आपके Email से जुड़ी Information और Services (जैसे Mail को भेजना और Receive करना) Manage होती हैं।
- Proxy Server: यह Server आपके कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच एक जासूस या अंग-रक्षक (Bodyguard) की तरह काम करता है। यह आपके कंप्यूटर का IP Address छुपाकर आपको Suraksha देता है।
Servers Down या Busy क्यों होते हैं?
इसको फिर से होटल के उदाहरण से ही देखते हैं, Ok.
अगर होटल में एक ही Server/Waiter हो और बहुत सारे Customer एक साथ Orders दे रहे हों, तो क्या होगा? Server को Services देने में देरी होगी, है ना?
इसी तरह, Servers पर भी Load (दबाव) पड़ता है जब एक ही तरह की Information को Same Time पर बहुत सारे लोग Request करते हैं।
उदाहरण: Results के Time Announce होते ही, Same Time पर बहुत सारे Students अपने Results जानने की कोशिश करते हैं। तब हो सकता है Server पर Load पड़ता है और Results दिखाने में देरी होती है।
अब आपको समझ आया होगा कि “Computer Server Kya hota hai?” और वह काम कैसे करता है? और वह कब Down और Busy होते हैं।
ध्यान रखें: Server और Internet एक ही चीज़ नहीं हैं। Internet एक रास्ता (Road) है, और Server उस रास्ते पर बना हुआ एक मकान (Computer) है, जहाँ जानकारी रहती है।
Everyone must know about this information super