लिनक्स (Linux) क्या है? और यह (Windows) से बेहतर क्यों है?

एक तरफ Linux का पेंगुइन लोगो और दूसरी तरफ माइक्रोसॉफ्ट विंडोज का लोगो, जो दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच के अंतर को दर्शाता है।"

नमस्ते दोस्तों! आज के डिजिटल दौर में जब भी हम ऑपरेटिंग सिस्टम की बात करते हैं, तो सबसे पहले Windows (विंडोज) का नाम ही हमारे दिमाग में आता है। लेकिन क्या आपने कभी Linux (लिनक्स) के बारे में सोचा है? दुनिया के बड़े-बड़े सर्वर से लेकर आपके हाथ में मौजूद एंड्रॉयड फोन तक, लिनक्स हर जगह छाया हुआ है। आज की ‘डिजिटल स्नेहहित’ सीरीज में हम जानेंगे कि लिनक्स क्या है और यह विंडोज का एक बेहतरीन विकल्प कैसे साबित हो सकता है।

आइए, आसान प्रश्न-उत्तर (Q&A) के माध्यम से लिनक्स को विस्तार से समझते हैं:


प्रश्न 1: लिनक्स (Linux) क्या है? इसका आविष्कार कब और किसने किया था?

उत्तर: लिनक्स एक ओपन सोर्स (Open Source) ऑपरेटिंग सिस्टम है। जैसे आपके मोबाइल में Android और कंप्यूटर में Windows होता है, वैसे ही लिनक्स भी एक सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर हार्डवेयर को चलाता है। इसका आविष्कार 1991 में लिनस टॉर्वाल्ड्स (Linus Torvalds) ने किया था। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह मुफ्त है और दुनिया का कोई भी व्यक्ति इसके कोड को देख और सुधार सकता है।

प्रश्न 2: माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Windows) से लिनक्स अलग कैसे है?

उत्तर: दोनों में मुख्य अंतर इनकी फिलॉसफी का है:

  • कीमत: विंडोज के लिए लाइसेंस खरीदना पड़ता है, जबकि लिनक्स बिल्कुल फ्री है।
  • सुरक्षा: विंडोज में वायरस का खतरा अधिक होता है, जबकि लिनक्स अपनी बनावट के कारण बहुत सुरक्षित माना जाता है।
  • आजादी: विंडोज का कोड गुप्त है, लेकिन लिनक्स ‘ओपन सोर्स’ है, जिसे आप अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज कर सकते हैं।

प्रश्न 3: लिनक्स में आजतक कितने वर्जन्स बनाए गए हैं? (जैसे Windows XP, 10, 11)

उत्तर: लिनक्स में वर्जन्स को ‘Distros’ कहा जाता है। विंडोज के गिने-चुने वर्जन्स के मुकाबले लिनक्स के 600 से ज्यादा एक्टिव डिस्ट्रोस मौजूद हैं।

  • Ubuntu: सबसे लोकप्रिय और आसान।
  • Linux Mint: जो विंडोज जैसा दिखता है।
  • Kali Linux: साइबर सिक्योरिटी और हैकिंग सीखने के लिए।
  • Android: आपके स्मार्टफोन में चलने वाला सिस्टम भी लिनक्स पर ही आधारित है।

प्रश्न 4: क्या एक पुराना विंडोज यूजर लिनक्स का उपयोग कर सकता है? यह कैसे बेहतर है?

उत्तर: जी हाँ, बिल्कुल! आज के लिनक्स वर्जन्स (जैसे Linux Mint) विंडोज की तरह ही आसान हैं। एक सामान्य यूजर के लिए यह विंडोज से बेहतर है क्योंकि:

  1. यह पुराने कंप्यूटर को भी बहुत तेज (Superfast) बना देता है।
  2. इसमें एंटी-वायरस की जरूरत नहीं पड़ती।
  3. इसमें विंडोज की तरह डेटा चोरी या प्राइवेसी का खतरा नहीं होता।

प्रश्न 5: लिनक्स में GNOME (गनोम) क्या होता है?

GNOME Desktop का साफ-सुथरा और आधुनिक Linux इंटरफ़ेस, जिसमें ऊपर टॉप बार, बीच में फ़ाइल मैनेजर खुला हुआ है और नीचे एप्लिकेशन डॉक दिखाई दे रहा है।

उत्तर: लिनक्स में ‘कर्नल’ अंदर का इंजन है, लेकिन आप स्क्रीन पर जो आइकन्स, मेनू और विंडो देखते हैं, उसे Desktop Environment कहते हैं। GNOME लिनक्स का सबसे आधुनिक और सुंदर दिखने वाला चेहरा है। यह बहुत ही साफ-सुथरा (Minimalist) होता है और Ubuntu जैसे बड़े वर्जन्स में डिफ़ॉल्ट रूप से आता है।

प्रश्न 6: लिनक्स के नुकसान और चुनौतियाँ क्या हैं?

उत्तर: Linux हर मामले में परफेक्ट नहीं है, इसकी कुछ सीमाएं हैं:

  • सॉफ्टवेयर: Adobe Photoshop और MS Office जैसे प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर लिनक्स पर सीधे नहीं चलते।
  • गेमिंग: विंडोज की तुलना में लिनक्स पर गेम्स की संख्या कम है।
  • सीखना: कभी-कभी समस्याओं को सुलझाने के लिए ‘Terminal’ (कमांड टाइप करना) का उपयोग करना पड़ सकता है, जो नए यूजर को कठिन लग सकता है।

प्रश्न 7: अगर हम लिनक्स डाउनलोड करना चाहें, तो कहाँ से और कैसे कर सकते हैं?

उत्तर: लिनक्स को डाउनलोड करना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको कोई पायरेटेड वेबसाइट खोजने की जरूरत नहीं है, यह आधिकारिक तौर पर मुफ्त मिलता है।

1. कहाँ से डाउनलोड करें? लिनक्स के अलग-अलग वर्जन्स (Distros) की अपनी आधिकारिक वेबसाइट्स होती हैं। सुरक्षित रहने के लिए हमेशा वहीं से डाउनलोड करें:

  • Ubuntu के लिए: ubuntu.com पर जाएं।
  • Linux Mint के लिए: linuxmint.com पर जाएं।
  • Zorin OS के लिए: zorin.com पर जाएं।

2. डाउनलोड कैसे करें? इन वेबसाइट्स पर आपको “ISO File” नाम की एक फाइल मिलेगी। यह एक बड़ी फाइल होती है (लगभग 2GB से 4GB तक), जिसमें पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम समाया होता है। इसे अपने कंप्यूटर पर सेव कर लें।

3. इंस्टॉल करने का तरीका (3 आसान स्टेप्स):

  • स्टेप 1 (बूटेबल पेनड्राइव बनाएं): एक 8GB की खाली पेनड्राइव लें। ‘Rufus’ या ‘BalenaEtcher’ नाम का एक छोटा सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें और इसकी मदद से डाउनलोड की गई ISO फाइल को पेनड्राइव में डाल दें।
  • स्टेप 2 (कंप्यूटर रीस्टार्ट करें): अब उस पेनड्राइव को अपने कंप्यूटर में लगा रहने दें और कंप्यूटर रीस्टार्ट करें। बूट मेनू (Boot Menu) में जाकर पेनड्राइव को चुनें।
  • स्टेप 3 (Try या Install): लिनक्स की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप इसे बिना इंस्टॉल किए भी चला कर देख सकते हैं। आपको स्क्रीन पर “Try Linux” का विकल्प मिलेगा। अगर आपको इसका इंटरफेस पसंद आए, तभी स्क्रीन पर मौजूद “Install” बटन पर क्लिक करके इसे अपने कंप्यूटर में डालें।

सुझाव: अगर आप पहली बार लिनक्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो Linux Mint या Zorin OS से शुरुआत करें। इनका अनुभव आपको बहुत हद तक विंडोज जैसा ही लगेगा।


निष्कर्ष

अगर आप अपने पुराने लैपटॉप को तेज बनाना चाहते हैं, इंटरनेट सुरक्षित तरीके से चलाना चाहते हैं, या कुछ नया सीखना चाहते हैं, तो लिनक्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसे आप बिना विंडोज हटाए भी ‘Live USB’ के जरिए ट्राई कर सकते हैं।

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