DigiLocker क्या है? उपयोग, फ़ायदे और अकाउंट बनाने का आसान तरीका।

DigiLocker क्या है? : ऐप होम स्क्रीन का स्क्रीनशॉट: 594.2 मिलियन रजिस्टर्ड यूज़र्स और डिजिटल दस्तावेज़ों की संख्या

आज के डिजिटल युग में, क्या आपको हर जगह अपने ड्राइविंग लाइसेंस, RC, और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की हार्ड कॉपी लेकर घूमना पड़ता है? अगर हाँ, तो DigiLocker आपके लिए सबसे बड़ा समाधान है।

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल न सिर्फ आपके सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखती है, बल्कि उन्हें कानूनी रूप से मान्य (legally valid) भी बनाती है।

आइए, DigiLocker क्या है, यह कैसे काम करता है, और आप इसका उपयोग करके अपना समय और कागज़ कैसे बचा सकते हैं, इस पर एक संपूर्ण गाइड देखते हैं।


DigiLocker क्या है?

DigiLocker ऐप की इंट्रों स्लाइड: डिजिटल दस्तावेज़ों की Anytime Anywhere ऑनलाइन पहुँच और सुविधा को दर्शाती है

DigiLocker भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा प्रदान की गई एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित सेवा है। यह आपको डिजिटल प्रारूप (digital format) में अपने दस्तावेज़ों को जारी करने, सहेजने और सत्यापित करने की सुविधा देती है।

सरल शब्दों में, DigiLocker आपके सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ों जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, और मार्कशीट को आपके मोबाइल में सुरक्षित रखता है।

DigiLocker क्यों महत्वपूर्ण है?

  • कानूनी मान्यता (Legal Validity): DigiLocker के माध्यम से जारी किए गए (Issued) दस्तावेज़, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण (RC), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा मूल भौतिक दस्तावेज़ों के बराबर माने जाते हैं।
  • पेपरलेस (Paperless): यह कागजी कार्रवाई को खत्म करता है और पर्यावरण को बचाने में मदद करता है।
  • सुरक्षित पहुँच (Secure Access): आपके दस्तावेज़ क्लाउड में सुरक्षित रहते हैं और 24/7 केवल आपके आधार-लिंक्ड अकाउंट के ज़रिए ही एक्सेस किए जा सकते हैं।

DigiLocker के फायदे: क्यों आपको इसका उपयोग करना चाहिए?

DigiLocker सिर्फ एक स्टोरेज ऐप नहीं है; यह आपके डिजिटल जीवन को आसान बनाने का एक टूल है:

  1. तत्काल और सुरक्षित साझाकरण (Instant & Secure Sharing): आप किसी भी सरकारी विभाग, शैक्षणिक संस्थान या बीमा कंपनी के साथ अपने दस्तावेज़ों को तुरंत डिजिटल रूप से साझा कर सकते हैं।
  2. दस्तावेज़ खोने का डर नहीं: क्यों की दस्तावेज़ क्लाउड में हैं, इसलिए उनके खोने या चोरी होने का कोई जोखिम नहीं है।
  3. स्व-सत्यापन (Self-Verification): आप DigiLocker पर अपने दस्तावेज़ों को eSign सुविधा का उपयोग करके डिजिटल रूप से साइन कर सकते हैं।
  4. बेहतर पारदर्शिता: सरकारी एजेंसियाँ सीधे इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से आपके दस्तावेज़ों को सत्यापित कर सकती हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।

DigiLocker पर अकाउंट कैसे बनाएँ: आसान Step-by-Step गाइड।

यह दिखाने के लिए कि यूज़र को कहाँ से आधार या मोबाइल नंबर का उपयोग करके प्रक्रिया शुरू करनी है। (आप दोनों में से कोई एक चुन सकते हैं।)

DigiLocker का उपयोग करने के लिए आपका आधार कार्ड आपके मोबाइल नंबर से लिंक होना ज़रूरी है।

ज़रूरी चीज़ें: आधार कार्ड, आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर।

  1. स्टेप 1: DigiLocker प्लेटफॉर्म पर जाएँ
    • अपने मोबाइल पर DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या आधिकारिक वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएँ।
  2. स्टेप 2: ‘Sign Up’ प्रक्रिया शुरू करें
    • ‘Sign Up’ बटन पर क्लिक करें। आपको अपना पूरा नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, 6 अंकों का सुरक्षा PIN और ईमेल आईडी भरनी होगी।
  3. स्टेप 3: आधार और OTP सत्यापन
    • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें।
    • इसके बाद, अपना 12-अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
    • आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक अंतिम OTP आएगा, उसे डालकर सत्यापन (Verification) पूरा करें।
  4. स्टेप 4: अकाउंट पूरा
    • OTP सत्यापन के बाद, आपका DigiLocker अकाउंट सफलतापूर्वक बन जाएगा और आप अपने डैशबोर्ड में लॉगिन कर पाएंगे।

DigiLocker में कौन से मुख्य दस्तावेज़ उपलब्ध होते हैं?

DigiLocker यूटिलिटी स्क्रीनशॉट: Authenticator, Drive, Nominee, UMANG और ABHA जैसे फ़ीचर्स

DigiLocker दो प्रकार के दस्तावेज़ प्रदान करता है, लेकिन कानूनी रूप से केवल ‘Issued Documents’ ही मान्य होते हैं।

1. जारी किए गए दस्तावेज़ (Issued Documents) – कानूनी रूप से मान्य

यह सेक्शन सीधे सरकारी विभागों (जैसे CBSE, MORTH, UIDAI) से लिंक होता है।

  • ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और RC: परिवहन विभाग से प्राप्त होते हैं। ट्रैफिक पुलिस को दिखाने के लिए यह सबसे ज़्यादा उपयोग किए जाते हैं।
  • वाहन पंजीकरण (RC): आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट।
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, यूनिवर्सिटी डिग्री, NEET/JEE परिणाम।
  • आय और जाति प्रमाण पत्र: राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र।
  • पैन कार्ड और आधार कार्ड: UIDAI और आयकर विभाग से सीधे प्राप्त होते हैं।

2. अपलोड किए गए दस्तावेज़ (Uploaded Documents)

यह वह सेक्शन है जहाँ आप अपने स्कैन किए गए दस्तावेज़ों (जैसे बिजली का बिल) को अपलोड कर सकते हैं। ये दस्तावेज़ कानूनी रूप से सरकारी दस्तावेज़ों के बराबर नहीं माने जाते हैं, लेकिन इन्हें ऑनलाइन एक्सेस करने के लिए सुविधाजनक होते हैं।


उपयोग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • Issued Documents ही दिखाएँ: किसी भी सत्यापन (verification) के लिए हमेशा ‘Issued Documents’ सेक्शन से दस्तावेज़ दिखाएँ, न कि ‘Uploaded Documents’ से।
  • PIN की सुरक्षा: अपने 6 अंकों के सुरक्षा PIN को सुरक्षित रखें और किसी के साथ साझा न करें।
  • आधार अपडेट: सुनिश्चित करें कि आपका आधार विवरण (मोबाइल नंबर, नाम) हमेशा अपडेट रहे ताकि आपको लॉगिन में कोई समस्या न आए।

निष्कर्ष: डिजिटल भारत की ओर एक कदम

DigiLocker भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई एक क्रांतिकारी और विश्वसनीय सेवा है जो हमारे दैनिक जीवन से कागज़ के बोझ को हटाती है। यह न सिर्फ आपके दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखता है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में उनकी आसान पहुँच सुनिश्चित करता है।

अगर आपने अभी तक DigiLocker का उपयोग शुरू नहीं किया है, तो आज ही अकाउंट बनाएँ और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनें!


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