मुद्रा गिरावट: हमारी खरीदने की शक्ति घटती जा रही है
₹5 का बिस्किट: नोट वही, पेट नहीं भरता लगभग 10 साल पहले ₹5 में एक बड़ा Biscuit-G पैकेट मिलता था, […]
विडंबना और व्यंग्य के माध्यम से समाज की सच्चाई दिखाने वाली छोटी पोस्टें — सिर्फ एक तस्वीर और एक लाइन।”
₹5 का बिस्किट: नोट वही, पेट नहीं भरता लगभग 10 साल पहले ₹5 में एक बड़ा Biscuit-G पैकेट मिलता था, […]
आज की भाग-दौड़ भरी दुनिया में Deforestation (वनों की कटाई) सबसे बड़ी विडंबना बन गई है। हमने अपनी ज़रूरतें पूरी
कुछ फ़ैसले हमें हँसते-खेलते जीवन से सीधे विनाश की ओर ले जाते हैं। हर लापरवाही एक ‘शॉर्टकट’ है, जिसे विडंबना
Mobile Capture Culture : आज के यात्री की विचित्र विडंबना: क्या हम अपनी आँखों से दुनिया देखते हैं, या बस
गहरी और शांतिपूर्ण नींद, जो कि एक सच्ची Screen Free Life का पहला कदम है, के लिए, अपने गैजेट्स को
यह है हमारी विचित्र विडंबना श्रृंखला – जहाँ पुरानी यादें और नए ज़माने की सच्चाई टकराकर कहानियाँ बनाती हैं। आइए,
“मोबाइल से दूर रहो… लेकिन पढ़ाई भी अब मोबाइल के सहारे।”