यह है हमारी विचित्र विडंबना श्रृंखला – जहाँ पुरानी यादें और नए ज़माने की सच्चाई टकराकर कहानियाँ बनाती हैं। आइए, इस सफर में हमारे साथ चलें।
1. अब Word Dictionary ICU में और Mobile मस्तियों में

कभी ज्ञान का खज़ाना मानी जाने वाली डिक्शनरी आज ICU में है। मोबाइल मस्तियों में हँस रहा है, क्योंकि अब शब्दों की तलाश Google से होती है, किताब से नहीं।
2. Old Telegram gone, New Telegram on!

कभी संदेश भेजने के लिए घंटों लगते थे, आज Telegram App सेकंडों में forward हो जाता है। वक्त बदल गया, अंदाज़ बदल गया।
3. जब Landline ने जोड़ा, Mobile ने तोड़ा!

कभी Landline की घंटी रिश्तों को जोड़ती थी — लोग साथ बैठकर घंटों बातें करते थे।
आज Mobile ने वही जगह ले ली, पर अब बातें कम और स्क्रीन टाइम ज़्यादा है।
तकनीक ने हमें जोड़ने का वादा किया था, पर कहीं न कहीं दूरी भी बढ़ा दी।
चंदा मामा से मोबाइल मामा तक का सफ़र

पहले चाँद मामा बच्चों को बुलाते थे — अब मोबाइल मामा ने उनकी कुर्सी छीन ली।
माँ गाने गाकर दाल-भात खिलाती थी, आज earphone लगाकर ‘reel scroll’ करती है।
बच्चे की आँखें अब आसमान नहीं, स्क्रीन पर टिकी हैं।
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Good information about how technology and generation changing
Thank you 🙏 Change is life, and that’s the essence of this series.
100% true
Absolutely! Glad you agree 👍
Yessss
Yes indeed, Ashok.
सुपर एक नबर
धन्यवाद दीपक जी 🙏 आपका उत्साह हमें और लिखने की प्रेरणा देता है।
👏
Thanks. 🙏 Glad you liked it.
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